जब तेरे पास मैं आया एक सुकून मिला जिसे मैं था भूलताया वो वजूद मिला जब आए आए मौसम गम के तुझे याद किया हो जब सहमे तनहापन से तुझे याद किया [संगीत] संभल जा जरा फिर मोहब्बत करने चला है तू दिल यही रुक जा जरा फिर मोहब्बत करने चला है तू जिस राह पे है घर तेरा अक्सर वहां से हां मैं हूं गुजरा शायद यहीं दिल मेरा तू मुझको मिल जाए क्या पता क्या है ये सिलसिला जानू ना मैं जानू ना ओ दिल संभल जा जरा फिर मोहब्बत करने चला है तू