और कौन-सी मुद्रा कमजोर होगी। फॉरेक्स ट्रेडिंग हमेशा करेंसी पेयर में होती है, जैसे ईयूआर / यूएसडी। इसका मतलब होता है यूरो और डॉलर के बीच तुलना। अगर हमें लगता है कि यूरो की कीमत बढ़ेगी, तो हम बाय करते हैं। और अगर लगता है कि कीमत गिरेगी, तो हम सेल करते हैं। अगर हमारा विश्लेषण सही होता है, तो हमें मुनाफ़ा होता है। और अगर गलत होता है, तो हमें नुकसान होता है। फॉरेक्स मार्केट दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय बाज़ार है और यह 24 घंटे, हफ्ते में 5 दिन खुला रहता है। लेकिन याद रखिए, फॉरेक्स ट्रेडिंग कोई शॉर्टकट नहीं है। यह एक कौशल है, जिसे सीखने में समय, अभ्यास और अनुशासन लगता है। इस 30-दिन की श्रृंखला में हम धीरे-धीरे बेसिक से एडवांस तक फॉरेक्स ट्रेडिंग सीखेंगे