सारी रात आहें भरता पल-पल यादों में मरता माने ना मेरी मन मेरा थोड़े-थोड़े होश मदहोशी सी है नींद बेहोशी सी है जाने कुछ भी ना मन मेरा कभी मेरा था पर अब बेगाना है ये दीवाना दीवाना समझे ना हो कभी चुपचुप रहे कभी गाया ये करे बिन पूछे तेरी तारीफे सुनाया ये करे है कोई हकीकत तू या कोई फसाना है कुछ जाने अगर तो इतना के ये तेरा दीवाना है रे मन मेरा माने ना मन मेरा [संगीत]