चार प्रकार की संपत्ति कभी भी किसी को नहीं पचती है। पहली अगर किसी ने मंदिर का धन खाया हो उसको जीवन भर दरिद्र ही रहना पड़ता है। दूसरी जिसने गौ माता का हिस्सा खा लिया हो मैं कहता हूं भूखे मर जाना लेकिन गौ माता का हिस्सा कभी मत खाना। तीसरी जो व्यक्ति अपने भाई का हक खाता है। उसके हिस्से की संपत्ति अपने नाम करवा लेता है। ऐसा व्यक्ति बाहर से भले अमीर दिखे लेकिन जीवन में कभी सुखी नहीं रह सकता। यह मेरी गारंटी है। और चौथी किसी बेटी की शादी में दलाली या कमीशन खाने वाला बेटी के आंसुओं से कमाया गया धन कभी घर में टिकता नहीं। ऐसा व्यक्ति जीवन भर अभाव और दरिद्रता में ही रहता है।