असलियत को पहचानो। इस दुनिया में कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। तुम जितना ज़्यादा समय तक जीवित रहोगे, तुम्हें उतना ही एहसास होगा कि इस वास्तविकता में केवल दर्द, पीड़ा और व्यर्थता (बेकार की मेहनत) ही मौजूद है।