कलमकार, ये ज्ञान भरी शमशीर है हर लफ्ज़ एक नया तीर है, सुन ले, ये मेरी तक़दीर है मेरा फ्लो जैसे तूफ़ान, दिमाग में चलती आरी है तेरी राइटिंग बचकानी सी, बेटा, अब तेरी बारी है मेन गेम का बादशाह, ये क्राउन है मेरा हर रास्ते पे अब है सवेरा लिखता मैं सच, नहीं कोई धोखा मुमकिन नहीं है मुझको रोकना आठ घंटे डेस्क पे, फिर रातें स्टूडियो में काली मेरी मेहनत ही मेरी बंदूक, देता हर बीट पे गाली ये शीशों के महल, जहाँ दिखती बस परछाइयां असलीयत ज़मीन पे, जहाँ जलती हैं अंगनाइयां मेन गेम का बादशाह, ये क्राउन है मेरा हर रास्ते पे अब है सवेरा लिखता मैं सच, नहीं कोई धोखा मुमकिन नहीं है मुझको रोकना