वीरता का मूल्य बलिदानों से चुकाया जाता है। अपने कर्तव्य को पूरा करते हुए, अब तक के सफर में, रेजिमेंट के तीन जवान, युद्ध भूमि में देश की रक्षा करते वक़्त वीरगति को प्राप्त हुए हैं। हवलदार टी ए कश्मीर सिंह , हवलदार जीडी जरनैल सिंह और लांस नायक डी एम टी सुखविंदर सिंह ने अपनी अंतिम सांस इस रेजिमेंट और देश के नाम पर न्योछावर कर दी। अपने इस देश के प्रति प्रेम, निष्ठा, अडिग साहस और निस्वास समर्पण का परिचय देते हुए हवलदार कश्मीर सिंह हवलदार जरनैल सिंह और लांस नायक डी एम टी सुखविंदर सिंह ने, अपना नाम रेजिमेंट के इतिहास में, सुनहरे अक्षरों में अंकित कर लिया।