अमेरिका की धमकी और बढ़ते ट्रेड वॉर के बीच भारत ने ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। अमेरिका ने 25% टेरिफ लगाने की बात कहकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। दावा किया गया कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। वाशिंगटन में यह संदेश दिया गया कि भारत अब अमेरिका की शर्तों पर चलेगा। लेकिन नई दिल्ली से जो जवाब आया उसने पूरा खेल बदल दिया। भारत ने साफ कर दिया कि उसके फैसले किसी और राजधानी में नहीं बल्कि भारत में ही होंगे। फरवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील हुई है। इस डील के तहत भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा और अपनी जरूरतें अमेरिका और वेनेजुला से पूरी करेगा। बदले में कुछ टेरिफ कम करने का संकेत दिया गया। इस बयान को ऐसे पेश किया गया जैसे भारत ने दबाव में आकर समझौता कर लिया हो। दुनिया भर के विश्लेषक यह मानने लगे कि भारत अब मुश्किल में फंस गया है। एक तरफ सस्ता रूसी तेल और दूसरी तरफ अमेरिकी बाजार का दबाव। लेकिन भारत ने चुप रहने के बजाय सीधा और स्पष्ट जवाब दिया।