तुम किसी भी इंसान को बिना हाथ लगाए उसको बर्बाद कर सकते हो सिर्फ एक टेक्निक से और वो है आर्ट ऑफ नॉट रिएक्टिंग। इमेजिन करो किसी कमरे में दो लोग बैठे हैं। एक इंसान बहुत चीख रहा है, चिल्ला रहा है, बहस कर रहा है और दूसरा इंसान कोई रिएक्शन ही नहीं दे रहा। सामने वाले की बात को सुनकर अनसुना कर रहा है। उसकी तरफ देख रहा है लेकिन उसके चेहरे पर कोई भी रिएक्शन नहीं आ रहा। तो तुम खुद बताओ कि कौन सा इंसान अपनी पावर की छाप छोड़ रहा है? कौन सा इंसान ज्यादा डेंजरस लग रहा है? [संगीत] वही इंसान जो रिएक्ट नहीं कर रहा। अगर तुम भी अपने आप को ऐसा इंसान हो जिसके रिएक्शंस उसके कंट्रोल में रहें, उसके सामने जो भी इंसान हो वो अपने ऊपर पूरा कंट्रोल रखे। क्योंकि जो इंसान ज्यादा रिएक्ट करता है उसको कंट्रोल करना बहुत आसान हो जाता है। याद करो उस टाइम को जब तुम छोटी सी बात पर बहुत ज्यादा गुस्से में आ गए थे, बहुत ज्यादा रिएक्ट कर गए थे। लेकिन तुम्हें बाद में एहसास हुआ कि तुमने कुछ ज्यादा ही कर दिया। बाद में तुम्हें पछताना पड़ा। जितने भी बड़े-बड़े पावरफुल लोग होते हैं, डेंजरस लोग होते हैं, मास्टरमाइंड लोग होते हैं, वो इस टेक्निक को बहुत अच्छे से मास्टर कर चुके होते हैं। रिएक्टिंग यानी रिएक्ट नहीं करना। सामने वाला चीख रहा है, चिल्ला रहा है लेकिन उनके चेहरे पर कोई भी रिएक्शन नहीं आता और यही चीज उनको ज्यादा पावरफुल बनाती है, डोमिनेंट बनाती है। वो बिना एक भी शब्द कहे सब लोगों पर डोमिनेट कर लेते हैं। तो आज की वीडियो में मैं तुम्हारे साथ 10 ऐसी सिंपल और प्रैक्टिकल टेक्निक्स शेयर करूंगा जो तुम्हें रिएक्शन लेस बना देंगी, तुम्हें अपने ऊपर कंट्रोल करना सिखा देंगी और ऑब्वियसली जिनको फॉलो करने के बाद तुम्हारे जैसा पावरफुल और डेंजरस इंसान इस दुनिया में कोई भी नहीं होगा। लेकिन वीडियो पहले एक वार्निंग। वीडियो को देखना है तो पूरा देखना क्योंकि अधूरा ज्ञान किसी काम का नहीं होता और लास्ट वाले दो पॉइंट तुम्हारी पूरी जिंदगी [संगीत] को बदल सकते हैं। उनको मिस मत करना। तो शुरू करते हैं। नंबर वन आर्टिफिशियल साइलेंस। देखो जब भी कोई इंसान तुमसे ऐसी बात करता है जिसको तुम बहुत ज्यादा फील करते हो, तुम्हें बहुत ज्यादा गुस्सा आता है तो वहां पर तुम्हारे लिए काम करेगी आर्टिफिशियल साइलेंस। देखो कोई भी इंसान जब तुम्हारे साथ बहस करता है, आर्गुमेंट करता है या फिर तुमको नीचा दिखाने की कोशिश करता है तो वो इसी चीज के लिए करता है कि तुम कैसा रिएक्ट करते हो, उसकी बात को कैसे फील करते हो और अगर तुम सामने वाले को ये दिखाते हो कि तुमने तो उसकी बात को फील ही नहीं किया। तो सामने वाला खुद ही अपनी बात के अंदर कमजोर फील करता है। नेक्स्ट टाइम जब भी कोई तुम्हें बुरा भला कहे या फिर तुमको नीचा दिखाने की कोशिश करें, तो वहां पर आर्टिफिशियल साइलेंस का यूज करना, खामोश हो जाना। सामने वाला खुद ही अपने अंदर डाउट करने लग जाएगा कि शायद उसने कुछ गलत कह दिया है या फिर तुम्हें उस चीज का कोई फर्क ही क्यों नहीं पड़ा। उसकी बात ने तुम्हें इफेक्ट क्यों नहीं किया? बड़ी पावर होती है जो डेंजरस लोग यूज करते हैं। वो कभी भी सामने वाले को ये नहीं दिखाते कि उनकी बात से उनको फर्क पड़ रहा है। बल्कि वो उसके सामने रिलैक्स और काम नजर आते हैं, खामोश रहते हैं। क्योंकि खामोशी [संगीत] बहुत अनकंफरटेबल होती है। जब भी तुम खामोश रहते हो, तो लोगों का ब्रेन डरने लग जाता है कि तुम पता नहीं कैसा रिस्पांस करोगे। अगर आर्ट ऑफ नॉट रिएक्टिंग को मास्टर करना चाहते हो, तो सबसे पहले सिचुएशंस में खामोश रहना सीखो। आर्टिफिशियल साइलेंस को मास्टर करो। जितना भी बोलने का मन कर रहा हो, रिएक्ट करने का मन कर रहा हो, गुस्सा आ रहा हो, लेकिन अपने रखो। तुम्हें खामोश रहना है क्योंकि खामोशी सबसे ज्यादा पावरफुल चीज है। नंबर टू, इमोशनल मास्टरी। कौन से ऐसे लोग होते हैं जो जल्दी-जल्दी रिएक्ट कर देते हैं? छोटी से छोटी बात पर परेशान हो जाते हैं, रोने लगते हैं, गुस्से में आ जाते हैं। वही लोग जो बहुत ज्यादा इमोशनल होते हैं, जिनके अपने इमोशंस के ऊपर कंट्रोल नहीं होता, जो इमोशनली बहुत वीक होते हैं, जिनकी इमोशनल साइड बहुत ज्यादा वीक होती है। तो सबसे पहले अपने इमोशंस को कंट्रोल करना सीखो। अगर कोई इंसान तुम्हें बुरा भला कहता है, तो उसको कभी भी पर्सनल मत लो। बल्कि सामने वाले को ऐसा फील करवाओ जैसे की है। जब भी तुम हद से ज्यादा इमोशनल बनोगे, तब तुम अपने आप को बहुत ज्यादा कमजोर कर लोगे। लोग तुमको कंट्रोल करने के लिए भागेंगे। जो लोग पावरफुल होते हैं, डेंजरस होते हैं, वो एक्चुअल [संगीत] में इमोशनलेस होते हैं। वो कभी भी दूसरों को नहीं बताते कि उनके अंदर इमोशंस हैं भी या नहीं। बल्कि वो दूसरों के सामने एक पत्थर की तरह बने रहते हैं जो इतना सख्त और पावरफुल होता है जिसके सामने कोई भी चीज फेंकी जाए, उसको कोई फर्क नहीं पड़ता। उसको चोट पहुंचाने वाले को खुद दर्द होता है। तुम चाहे अंदर से कितने ही वीक हो, कितने ही परेशान हो, लेकिन सामने वाले को कभी भी यह शो मत करवाओ कि तुम अंदर से इमोशनल हो रहे हो। कभी भी किसी को अपने इमोशंस शो ही मत करवाओ, चाहे वह कोई भी इंसान हो। जब भी लोग तुम्हारे इमोशंस को भांप लेंगे, तो वह समझ जाएंगे कि तुम अंदर से कितने ज्यादा कमजोर हो। फिर उसी के अकॉर्डिंग ही तुमको कंट्रोल करने की कोशिश करेंगे। जो भी मास्टरमाइंड लोग होते हैं, वह दूसरों के सामने स्ट्रांग बने रहते हैं, पावरफुल बने रहते हैं, इमोशनलेस बने रहते हैं। अगर समझ नहीं आती कि इमोशनलेस कैसे बनना है, तो इस वीडियो के बाद यह वाली वीडियो देख लेना। डोंट रिएक्ट। लाइफ में अपने आप को इतना स्मार्ट बना लो कि तुम किसी भी सिचुएशन में जाकर चीजों को ऑब्जर्व करना शुरू कर दो। तुम्हारे सामने जो भी इंसान बात कर रहा हो, तुम उसके माइंड तक पहुंच जाओ कि वह इंसान किस बेस पर बात कर रहा है। वह इंसान किस मकसद के तहत तुम्हारे सामने खड़ा है। जब भी तुम्हारा माइंड इतना स्ट्रांग और पावरफुल बनेगा, तब तुम लोगों की इंटेंशंस को पढ़ना सीख जाओगे, लोगों के माइंड को पढ़ना सीख जाओगे, लोगों को ऑब्जर्व करना सीख जाओगे। फिर तुम्हारे जैसा डेंजरस इंसान इस दुनिया में कोई भी नहीं होगा। देखो, ज्यादा रिएक्ट वही करेगा जिसको कि सामने वाला क्या चाह रहा है। लेकिन जो इंसान ऑब्जर्वेंट नेचर का होगा, छोटी-छोटी बात को ऑब्जर्व करने वाला होगा, नोटिस करने वाला होगा, कभी भी ज्यादा रिएक्ट नहीं करेगा। क्योंकि उसे पता होगा कि सामने वाला क्या चाह रहा है। सामने वाला उसके रिएक्शंस का भूखा है। सामने वाला इसीलिए यह सब कुछ कर रहा है कि तुम रिएक्ट करो, तुम गुस्से में आओ, तुम चीखो, चिल्लाओ। लेकिन तुम वहां पर अगर अपने आप पर कंट्रोल कर लेते हो, तो तुम इस दुनिया के डेंजरस लोगों में आ सकते हो। नंबर फोर, सिलेक्टिव [संगीत] रिस्पांस। देखो, हर इंसान के सामने रोना, हर इंसान के सामने गुस्सा करना जरूरी नहीं होता। ऐसी होती हैं जिनको इग्नोर करना पड़ता है। बहुत सारी ऐसी लड़ाइयां होती हैं जिनके अंदर घुसने के बजाय उनसे दूर रहना पड़ता है। क्योंकि उनके अंदर घुसना हमें और ज्यादा वीक करता है। अपनी लाइफ में यह रूल अपना लो कि तुम्हें हर चीज पर रिएक्ट नहीं करना, [संगीत] हर इंसान के आगे रिएक्शन नहीं देना, बल्कि सिलेक्टिव चीजों पर रिस्पांस करना है। ऐसी चीजों पर रिस्पांस करना है जिनकी ज्यादा इंपॉर्टेंस है, जिन पर रिएक्ट करना जरूरी है। क्योंकि अगर तुम हर छोटी-छोटी चीज पर रिएक्शन देते रहोगे, तो तुम्हारी एनर्जी वेस्ट होती रहेगी। लोग तुमको वीक इंसान समझते रहेंगे। पावरफुल लोग कभी भी हर चीज पर रिएक्ट नहीं करते और ना ही हर चीज को इतनी ज्यादा इंर्पोटेंस देते हैं। बहुत सारे लोग तुम्हारी लाइफ में आएंगे जो यह चाहेंगे कि तुम ज्यादा रिएक्ट करो। तुम उनसे लड़ो, गुस्से में आओ और अपनी लाइफ को बर्बाद कर लो। लेकिन तुमने उनको इग्नोर [संगीत] करना है। उनकी इंटेंशंस को समझना है कि वह असल में तुमको कमजोर करना चाहते हैं। नंबर फाइव, कंट्रोल्ड फेस। किसी भी सिचुएशन में अपने आप को डेंजरस दिखाने के लिए तुम्हें अपने फेस को कंट्रोल करना होगा। अपने एक्सप्रेशंस को कंट्रोल करना होगा। बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो अपने चेहरे पर बहुत ज्यादा एक्सप्रेशंस हैं। गुस्से वाले, उदासी वाले, परेशानी वाले और यही चीज उनके रिएक्शंस बन जाती है। इसलिए अपने फेस को हमेशा अपने कंट्रोल में रखो। अपने एक्सप्रेशंस को अपनी आंखों को, हर चीज को अपने हाथ में कर लो। कभी भी ज्यादा एक्सप्रेशंस मत दो। जितने भी डेंजरस लोग होते हैं उनके चेहरे पर कोई रिएक्शन ही नहीं आता। उनके सामने कितनी ही बड़ी बात ही क्यों ना हो जाए। सामने वाला उनकी बेइज्जती कर दे, उनकी डिसरिस्पेक्ट कर दे, उनको नीचा दिखाने की कोशिश [संगीत] करें। लेकिन उनके चेहरे हमेशा रिलैक्स रहते हैं। और यही चीज सामने वाले को परेशान कर देती है कि उनकी बात से उनके चेहरे पर कोई फर्क ही क्यों नहीं आ रहा। ज्यादा वैल्यू क्यों नहीं मिल रही और उनकी बात को लोग क्यों नहीं सुन रहे। अगर सुनते भी हैं तो अटेंशन नहीं देते। इसलिए अपने फेस को हमेशा कंट्रोल में रखो। जहां भी जाओ अपने फेस को रिलैक्स लेकर जाओ। हल्की सी स्माइल, अपने फोरहेड को बिल्कुल रिलैक्स रखो। अपने एक्सप्रेशंस में कभी भी यह शो मत करवाओ कि तुम नर्वस हो रहे हो या फिर कोई चीज तुमको परेशान कर रही है। नंबर सिक्स, डिटैच फ्रॉम ओपिनियंस। जब भी तुम हर चीज पर्सनली लोगे, लोगों के ओपिनियन को ज्यादा वैल्यू दोगे, तब तुम कमजोर बने रहोगे। तब तुम ज्यादा रिएक्ट करते रहोगे। छोटी से छोटी होते रहोगे। लाइफ में आगे बढ़ने के लिए, पावरफुल बनने के लिए, डेंजरस बनने के लिए तुम्हें दूसरों के ओपिनियन से डिटैच होना पड़ेगा। लोगों के ओपिनियन की फिक्र करना छोड़नी होगी। कोई इंसान तुम्हारे बारे में क्या कहता है, तुम्हें इस चीज से कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। क्योंकि वह इंसान नहीं समझ सकता कि तुम अंदर से कैसे हो। ना ही तुम्हें बताने की जरूरत है। तुमने बस खामोश रहना है। ज्यादा रिएक्ट नहीं करना। लोगों के ओपिनियन को ज्यादा पर्सनली नहीं लेना। जब तुम लोगों को ज्यादा वैल्यू देते हो, तो लोग पहले से ज्यादा तुम्हें नीचा दिखाने की कोशिश [संगीत] करते हैं क्योंकि लोग जान लेते हैं कि यहां से तुम इनसिक्योर हो। इस बात से तुम परेशान होते हो। यहां पर तुम्हें गुस्सा आता है। फिर नेक्स्ट टाइम लोग उसी चीज का यूज करते हैं और तुमको परेशान करते हैं। कभी भी अपनी कमजोरी किसी के हाथ में मत देना कि तुम किस चीज से कमजोर हो, किस चीज से इनसिक्योर हो। बल्कि लोगों के ओपिनियन से डिटैच हो जाओ, लोगों के ओपिनियन से दूर हो जाओ। तुम्हें फर्क ही नहीं पड़ना चाहिए कि लोग तुम्हारे बारे में क्या सोचते हैं, क्या बात करते हैं। नंबर सेवन, डिले योर रिस्पांस। किसी जगह पर रिस्पांस करना चाहते हो तो कभी भी जल्दी मत करो। बल्कि कुछ सेकंड्स का पॉज लो, कुछ मिनट्स का वक्फा लो, कुछ दिनों के लिए डिले कर दो। जब भी तुम थोड़ा जल्दी करते हो तब तुम हड़बड़ाहट में कुछ ऐसे रिएक्शंस दे देते हो जिससे तुम कमजोर दिखते हो, जिससे लोग तुमको कंट्रोल करते हैं। जितना तुम्हारे रिस्पांस डिले होंगे उतना तुम्हारे पास टाइम होगा कि तुम [संगीत] सोचो, समझो, हर चीज को ऑब्जर्व करो और फिर रिएक्ट करो। जब भी तुम बिना सोचे समझे कोई रिएक्शन देते हो तब तुम कुछ उल्टा-सीधा करते हो। तुमने भी देखा होगा कि कुछ लोग इतने ज्यादा वीक होते हैं। सी बात अपने मुंह से निकालता है तो वो जल्दी से गुस्से में आ जाते हैं, जल्दी से ऑफेंड हो जाते हैं, हाइपर हो जाते हैं। वही दुनिया के सबसे कमजोर लोग होते हैं। वो छोटी सी बात को भी बर्दाश्त नहीं कर पाते। जितना तुम अपने रिएक्शंस को कंट्रोल करते हो, डिले करते हो उतना तुम अपने आप को पावरफुल बनाते रहते हो। नंबर एट, स्टे मिस्टीरियस। किसी को भी अपनी लाइफ के बारे में ज्यादा मत बताओ कि तुम अपनी लाइफ में क्या करते हो, तुम अपनी लाइफ में क्या करने जा रहे हो। जब भी तुम अपनी लाइफ को ज्यादा खोलकर दूसरों के सामने रख देते हो तो लोग समझ लेते हैं कि तुम किस टाइप के इंसान हो। तुम्हें डिकोड करना, करना बहुत आसान हो जाता है। लेकिन जब तुम अपनी लाइफ को फुली तौर पर मिस्टीरियस कर लेते हो, किसी को भनक नहीं लगने देते कि तुम अंदर से कैसे इंसान हो, कैसा सोचते हो, तुम अपनी लाइफ में क्या करने जा रहे हो, तुम्हारी इनसिक्योरिटीज क्या हैं। फिर तुम अपने आप को बहुत ज्यादा डेंजरस बना लेते हो। डेंजरस लोग हमेशा तुम्हें मिस्टीरियस नजर आएंगे। वो कभी भी किसी के सामने अपनी लाइफ को ज्यादा डिस्कस नहीं करेंगे, ना ही अपने बारे में ज्यादा बात करेंगे। वो अपनी इनसिक्योरिटीज को, अपनी कमजोरियों को हमेशा दूसरों से छुपाकर रखेंगे। तुम उतने ज्यादा सिक्योर रहोगे, उतने ज्यादा पावरफुल बने रहोगे जितना तुम अपनी लाइफ को प्राइवेट रखोगे, अपनी कमजोरियों को दूसरों से छुपा कर रखोगे। क्योंकि उस इंसान को कमजोर करना और कंट्रोल करना इंपॉसिबल होता है जिसके बारे में ज्यादा इंफॉर्मेशन पता नहीं होती। जो ज्यादा मिस्टीरियस रहता है, जो अपने रिएक्शन को दूसरों के सामने शो नहीं करवाता। नंबर नाइन, बिल्ड इनर कॉन्फिडेंस। सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट यही है। कब तुम अपने आप को ऐसा बनाओगे कि तुम्हें दूसरों की बात से कोई फर्क ही ना पड़े। कोई तुमको नीचा दिखाने की कोशिश करता है, तुम्हारी डिसरिस्पेक्ट करता है, तुम अपने अंदर कब अपनाओगे कि तुम्हें इस चीज से कोई फर्क ही ना पड़े और तुम साइलेंटली उनको डील कर पाओ। इसका आंसर है जब तुम्हारे अंदर कॉन्फिडेंस होगा। जब तुम इनर कॉन्फिडेंस को फील करोगे कि मेरे अंदर इतना कॉन्फिडेंस है, मैं अंदर से कॉन्फिडेंट हूं, मेरे अंदर कोई इनसिक्योरिटी नहीं है कि कोई इंसान मुझसे ज्यादा वैल्यूएबल नहीं है, बल्कि मैं सबसे ज्यादा वैल्यूएबल हूं। मैं ही सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंस रखता हूं। जब तुम अपना माइंडसेट यह रखोगे, फिर तुम्हारा मुकाबला करना इंपॉसिबल हो जाएगा। फिर तुम्हारे रिएक्शन तुम्हारे कंट्रोल में रहेंगे। क्योंकि तुम्हें पता होगा कि तुम अंदर से कैसे इंसान हो और लोग हैं क्योंकि कोई तुम्हें अंदर से नहीं जान पाएगा। नंबर 10, वैल्यू एंड अटेंशन। अपने ऊपर कंट्रोल करने के लिए, अपने रिएक्शन को काबू करने के लिए, सबसे पहले अपनी अटेंशन को कंट्रोल करो। तुम अपनी अटेंशन कहां पर दे रहे हो? बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जहां पर अटेंशन देना अपनी एनर्जी को वेस्ट करना होता है। तुम्हारी अटेंशन बिल्कुल जाया हो रही होती है। तो ऐसी जगह पर तुम्हें अपनी अटेंशन को कंट्रोल करना है। क्योंकि तुम अपनी अटेंशन को ऐसे ही वेस्ट करते रहोगे, हर छोटी-छोटी बात पर अटेंशन देते रहोगे, तो तुम परेशान रहोगे। हर छोटी से छोटी बात पर गुस्से में आ जाओगे। बनाने के लिए, अपने आप पर कंट्रोल करने के लिए, तुम्हें अपनी अटेंशन दूसरों के हाथ में नहीं देनी। ना ही किसी को इतनी ज्यादा वैल्यू देनी है कि वह अपने आप को तुमसे ज्यादा वैल्यूएबल समझने लग जाए। तुम्हारी अटेंशन ही तुम्हारी पावर है। जब भी तुम किसी को वैल्यू नहीं दोगे, किसी को अटेंशन नहीं दोगे, तब तुम उन सब से ज्यादा पावरफुल दिखोगे, ज्यादा डेंजरस दिखोगे। क्योंकि लोगों की बातों से तुम्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ेगा। तुम्हारे रिएक्शन तुम्हारे कंट्रोल में रहेंगे। यह 10 पॉइंट्स थे जिनको तुम फॉलो करने के बाद मोस्ट डेंजरस इंसान बन सकते हो। अगर यहां तक वीडियो को पूरा देखा है तो आई सैल्यूट यू। तुम्हारी अटेंशन पावर और तुम्हारे ब्रेन के रिसेप्टर्स अभी बहुत ज्यादा स्ट्रांग है। अपनी क्यूरोसिटी को वेस्ट मत होने देना क्योंकि आजकल रील्स चलती है। लोग कुछ ही सेकंड्स में कहां से कहां चले जाते हैं और तुमने कुछ सीखा है। तुमने पूरी वीडियो को देखा है। कमेंट में अपना नाम जरूर बताना ताकि मैं तुम्हें अप्रिशिएट कर सकूं। अगली वीडियो किस टॉपिक पर होनी चाहिए जरूर बताना। वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक कर दो। चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन को दबा दो ताकि आने वाली हर नई 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