दोस्तों, ये घटना मेरे साथ ही हुई थी… इसलिए आज तक मुझे उस बस स्टॉप से डर लगता है। मैं रात के करीब 12 बजे घर लौट रहा था। आख़िरी बस का इंतज़ार था। पूरा बस स्टॉप खाली, सिर्फ़ एक पीली लाइट जल रही थी। तभी पीछे से किसी ने पूछा, “भाई… टाइम क्या हुआ?” मैंने पलटकर देखा, वहाँ एक बूढ़ा आदमी खड़ा था। चेहरा धुंधला सा, आँखें बिल्कुल खाली। मैंने मोबाइल देखा, 12:07। जैसे ही मैंने ऊपर देखा… वो आदमी गायब था। और उसी पल एक बस आई… जिस पर लिखा था: “आख़िरी सफ़र” उस दिन के बाद से मैं रात में कभी बस नहीं लेता… क्योंकि कुछ बसें सवारियों को नहीं, आत्माओं को लेने आती हैं। 😨