Title: “एक युद्ध… जिसने राजा को तोड़ दिया | The Night Ashoka Changed” “इतिहास में एक रात ऐसी भी थी… जब दुनिया का सबसे ताकतवर राजा… खुद से हार गया।” वो था — सम्राट अशोक। उसका नाम सुनते ही दुश्मन कांपते थे। उसकी सेना तूफ़ान की तरह चलती थी। और जहाँ वो जाता… वहाँ सिर्फ जीत होती। फिर आया — कलिंग। एक ऐसा युद्ध… जिसने ज़मीन नहीं… इंसानियत हिला दी। युद्ध खत्म हुआ। अशोक जीत चुका था… लेकिन… जब वो मैदान में उतरा — उसके कदम भारी हो गए। हवा में अजीब खामोशी थी। लोग अपने अपनों को ढूँढ रहे थे… बच्चे रो रहे थे… और कई आँखों में सवाल था — “हमारा कसूर क्या था?” कहा जाता है — उस पल अशोक की साँसें तेज़ हो गईं। उसने चारों तरफ देखा… और पहली बार… अपनी जीत से डर गया। उसके मन में आवाज़ गूँजी: “अगर मेरी ताकत से इतना दुख फैलता है… तो क्या मैं सच में महान हूँ?” उस रात… महल में रोशनी थी। लेकिन अशोक के अंदर अंधेरा। नींद उसकी आँखों से दूर थी। हर बार आँख बंद करता — वही चेहर
