मिले पानी से पोछा लगाओ तो घर की नकारात्मकता मिटती है। कलह दूर होते हैं। सुख शांति बनी रहती है । पर ध्यान रहे नमक वाला पोछा दोपहर 12:00 बजे के बाद नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि दोपहर के बाद सूर्य का तेज बदलने लगता है और उस समय पोछा लगाने से घर की शुभ ऊर्जा क्षीण होती है। यदि बिना नमक का पोछा है तो लगा सकते हैं लेकिन कोशिश यही रहे कि दोपहर से पहले ही सब कार्य पूर्ण हो जाए। गुरुवार और एकादशी के दिन पोछा नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि यह दोनों दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना के हैं। इन दिनों घर में जल का विस्तार या पोछा लगाना शुभ नहीं। अब सुनो आखिरी रत्न समान उपदेश यदि आपके घर में गरीबी है धन रुक जाता है।काम बनते बनते बिगड़ जाते हैं। तो कारण कोई बाहरी नहीं। आपके अपने कर्मों में छिपा है। सूर्योदय से पहले झाड़ू लगाना , शाम को झाड़ू लगाना, टूटी झाड़ू रखना यह सब माता लक्ष्मी का अपमान है। जो भक्त इन नियमों को मानता है उसे कभी धन की कमी नहीं होती। माता लक्ष्मी हमेशा उसके दरवाजे पर दीया जलाकर इंतज़ार करती रहती हैं। तो भक्तों, आज से आप सब ये संकल्प ले लो। हम झाड़ू को माता लक्ष्मी का रूप समझकर ही इस्तेमाल करेंगे । सूरज निकलने के बाद ही झाड़ू लगाएंगे। सूरज ढलने के समय कभी नहीं लगाएंगे। और आखिर में हाथ जोड़कर कहो – जय माता लक्ष्मी, जय श्री हरि, जय श्री राधे कृष्ण। यही थी आज की छोटी-सी बात, जो आपके जीवन में सुख, शांति और धन की रोशनी जगा देगी। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आपके घर में, परिवार में और हर काम में हमेशा बना रहे।