कि जब कहा था मोहब्बत दुनिया को छह गुना के बराबर सदस्य इस मुद्दे को कहते हुए सुनते रहो जिंदगी तुझ पर आप चिंता रावण से युद्ध इश्क तथा सब्सक्राइब कि यह मोहब्बत शेरगिल धन इश्क तु और लू इश्क तो लाल धीर अग्रसित किताब है कि रख रख सप्ताह बुघवार कर दो