“तुम अपने शरीर को हल्के में लेते हो… लेकिन तुम्हारा शरीर तुम्हें कभी हल्के में नहीं लेता।” “तुम सो रहे होते हो… फिर भी तुम्हारा दिल धड़क रहा होता है। तुम टूटे हुए होते हो… फिर भी तुम्हारे फेफड़े हर सांस के साथ तुम्हें ज़िंदा रख रहे होते हैं। तुम हार मान लेते हो… पर तुम्हारी कोशिकाएँ हर सेकंड रिपेयर मोड में लगी रहती हैं। Physiology सिर्फ किताब का चैप्टर नहीं है… ये तुम्हारे अंदर चल रही एक साइलेंट वॉर है… जो तुम्हारे लिए लड़ी जा रही है।” “अगर तुम्हारा शरीर तुम्हारे लिए बिना रुके काम कर सकता है… तो तुम अपने सपनों के लिए क्यों नहीं? क्योंकि यही असली मशीन है… जो तुम्हें जिंदगी में आगे ले जाएगी।”