लोगों का दावा था कि बैंगन बोचे मोनेस्ट्री में एक यटीट्टी का खोपड़ी रखा हुआ है। इस दौरान कुछ लोग इस मोस्ट्री में जाते हैं और यटी के बाल का एक सैंपल लेते हैं। असल में यटी की कहानियां हजारों साल पुरानी है और कुछ प्री बुद्धिस्ट चेहरा की भी कहानियां है जो चली आ रही है। स्पर्श ने कहा कि ये ना तो किसी इंसान का बाल है और ना ही किसी जानवर का बाल है और ना ही यह कोई बाल है। नमस्कार दोस्तों साल 2008 की बात है। अरुणाचल प्रदेश में 12,000 फीट की ऊंचाई पर इंडियन आर्मी का एक मिलिट्री कैंप और उसके लिए सड़क बनाई जा रही थी। यहीं काम करने वाला एक मजदूर यहां से पैदल चलकर लोकल मार्केट तक जाता है। उसके बाद वो अपना सामान खरीदता है और अंधेरा होने से पहले वह वापस मिलिट्री कैंप के लिए निकल जाता है। कई घंटे बीत जाते हैं, लेकिन वह वापस मिलिट्री कैंप तक पहुंचता नहीं है। पूरी रात भर उसका कोई नामोनिशान नहीं दिखाई देता। अगले दिन एक लोकल आदमी अपने घोड़े [संगीत] के साथ उसी रास्ते से गुजरता है और इस आदमी को वह मजदूर रास्ते के किनारे बैठा हुआ दिखता है। यह एक बहुत ही अजीब तरीके से बैठा हुआ था। उस आदमी को लगता है कि इसने शराब पी है। वो उस मजदूर को आवाज लगाता है लेकिन कोई जवाब नहीं आता। धीरे-धीरे वह आदमी मजदूर के पास जाता है और देखता है कि इस मजदूर की तो गर्दन टूटी हुई है और यह सांस भी नहीं ले रहा। यह जिंदा नहीं हो सकता। पास में उसका मोबाइल और पैसे बिखरे हुए थे। यह कोई चोरी या लूटपाट की घटना नहीं है क्योंकि पैसे वहीं बिखरे पड़े थे। अगर कोई चोर होता तो पैसे उठाकर लेकर भाग गया होता। इसकी गर्दन को भी देखकर ऐसा नहीं लगता कि इसका एक्सीडेंट हुआ है। अगर एक्सीडेंट हुआ होता तो वो नीचे गिरा [संगीत] पड़ा होता। लेकिन यह तो बड़े ही अजीब तरीके से बैठा हुआ है। बाकी पूरी बॉडी पर किसी चीज के निशान नहीं थे। बस गर्दन टूटी हुई थी। बाद में जब इसे डॉक्टर्स के पास ले जाया गया तो डॉक्टर ने कहा कि जिस तरीके से यह हड्डी टूटी हुई है वो किसी भी इंसान के लिए तोड़ना बहुत मुश्किल होता क्योंकि उसके लिए बहुत फोर्स चाहिए होगा। इसको किसी जानवर ने भी नहीं मारा क्योंकि पूरी बॉडी पर कोई भी पंजे का निशान नहीं था। कहीं से खून भी नहीं बहा बस गर्दन टूटी हुई थी और इसी की वजह से इसकी जान चली गई। लोकल लोग बताते हैं कि जब पुलिस बुलाई गई तो पुलिस को इसकी बॉडी पर एक बाल मिलता है और जब इस बाल को चेक कराया जाता है तो ना तो यह किसी इंसान का बाल निकलता है और ना ही किसी जानवर का। पुलिस को वहां पर एक फुटप्रिंट भी मिलता है जिसे देखकर लोग कहते हैं कि यह तो एक फुटप्रिंट है यटी का। [संगीत] लोकल लोगों का कहना था कि जिस एरिया में यह सड़क बनाई जा रही है, वहां पर यटी घूमते हैं और उनका मानना था कि इस मजदूर को एक यटी ने मारा है। आखिर क्या सच्चाई है इसके बारे में? आपने सोशल मीडिया पे यटी के बारे में तो बहुत सुना होगा। लेकिन क्या कोई साइंटिफिक प्रूफ एक्सिस्ट करता है यटी के बारे में? [संगीत] आइए जानते हैं दोस्तों यटी के रहस्य की पूरी कहानी आज के इस वीडियो में। यटी या यती आपने यटी का फुटप्रिंट देखा है हजरी मॉन्सर हैज़ बीन स्पॉटेड्रॉस एशियन चाइना टू द हिमालय क्लेम बाय रेस्पेक्टेड [संगीत] ऑक्सफर्ड रिसर्च ही सेस ही है प्रूफ द अबबल स्नो मैन ऑफ़ द [संगीत] हिमालय इनफ रियल यटी की सबसे फेमस कहानी है दोस्तों साल 1951 ब्रिटिश माउंटेनियर एरिक शिपन और उनके साथी माइकल व्स माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए एक अल्टरनेटिव रास्ता ढूंढ रहे थे। तभी उन्हें मैंगलोम ग्लेशियर के बर्फों के बीच एक पंजे का निशान [संगीत] दिखता है। 13 इंच लंबे और 8 इंच चौड़े। यह इंसानों के पैरों जैसे दिखते थे लेकिन साइज में बहुत बड़े थे। उनके पास साइज मापने के लिए कोई एक्वपेंट नहीं था। इसलिए उन्होंने बगल में एक कुल्हाड़ी रख दी और कुछ यह तस्वीरें ली। यह फोटो इतनी पॉपुलर हो जाती है कि दुनिया भर के अखबारों और मैगजीनंस में यह फोटो छपती है। पूरे दुनिया भर के लोग इससे फैसनेट होते हैं और इससे यटी के होने का एक स्ट्रांग प्रूफ मिल पाता है। इन फोटोस के पब्लिश होने के बाद एक रेस शुरू हो जाती है। पूरे दुनिया भर से लोग आते हैं माउंट एवरेस्ट पर और यटी को ढूंढने की कोशिश करते हैं। इस उम्मीद से कि वो पूरी दुनिया के सबसे पहले इंसान बन जाएंगे यटी को ढूंढने वाले। टेकन समकुल [संगीत] सीनिक एरिया ऑफ द वर्ल्ड। टेकिंग ऑफ़ नेचुरल ब्यूटी। लेकिन यह यटी दिखता कैसा है? जिनजिन लोगों ने यटी को देखने का क्लेम किया है, उनके डिस्क्रिप्शन में कई चीजें कॉमन है। उनके हिसाब से यह एक एब जैसा क्रिएचर है जो साइज में इंसानों से बहुत बड़ा होता है। इसके लंबे-लंबे आर्म्स होते हैं और काफी पावरफुल छाती। इसकी हाइट 7 से 8 फीट तक बताई जाती है और इसका वजन 90 से 180 किलो के आसपास और अपने शरीर को यह मोड़ नहीं सकता यानी कि पीछे मुड़ के नहीं देख सकता। यह सीधा खड़ा होकर दो पैरों पर चलता है और जंगलों में यह अपने हाथ की मदद से एक पेड़ पर दूसरे पेड़ पर जाता है और उनके हिसाब से यह अपने हाथ में एक बहुत बड़ा पत्थर भी लिया होता है जिसको यह हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है। भूटान के लोग जो यटी में मानते हैं उनके हिसाब से आमतौर पर यह अकेले या जोड़े में दिखता है। बहुत ही रेयरली यह झुंड में दिखते हैं। यह सीटी बजाकर एक दूसरे से कम्युनिकेट करते हैं और इनसे बहुत ही गंदी स्मेल भी आती है। कभी-कभी यह मुस्कुराते और अजीब आवाजें निकालते हुए दिखते हैं। इनका दिखना, मौत और बुरे समय का संकेत होता है। कहानियों के अनुसार यटी इंडिया, भूटान, नेपाल और तिबेट के हिमालयन एरियाज में मिलता है। ऊंचे बर्फी इलाकों में रहता है। इनफैक्ट जो यटी वर्ड है इसका ओरिजिन भी टिबेटियन लैंग्वेज से हुआ है। यटी वर्ड आता है शेरपाट येते ते से जिसका मतलब होता है क्लिफ वेलिंग बियर। चट्टानों में घूमने वाला भालू। असल में यटी की कहानियां हजारों साल पुरानी है और कुछ प्री बुद्धिस्ट चेहरा की भी कहानियां है जो चली आ रही है। लोगों का दावा था कि बैंगन बोचे मोनेस्ट्री में एक यट्टी का खोपड़ी रखा हुआ है। इस दौरान कुछ लोग इस मोिस्ट्री में जाते हैं और यटी के बाल का एक सैंपल [संगीत] लेते हैं। जब इसे जांच के लिए भेजा गया तो एक्सपर्ट्स ने कहा कि यह ना तो किसी इंसान का बाल है और ना ही किसी जानवर का बाल है और ना ही यह कोई बाल है। द टेस्टिंग [संगीत] कंक्लूडेड ऑन द स्कल्प नॉट बिलोंग टू एन अननोन स्पीशी [संगीत] और क्रिप्टेड क्रचर साल 1939 में जर्मनी के नाजी पार्टी ने एक सीक्रेट मिशन के लिए टिबिट आए जियोलॉजिस्ट एंड शेफर भी इसी नतीजे पर पहुंचे थे। जब यहां के स्थानीय लोगों ने कहा कि ऊपर यटी रहता है तो यह अपने बंदूक के साथ ऊपर गए और उसे मार दिया। जब वह पास गए तो उनको पता चला कि जिसे लोग यटी कह रहे हैं वह एक्चुअली में एक टिबिटन बीियर है। इन्होंने कहा कि यटी एक मिथ है जो लोगों के सुपरस्टेशन से पैदा हुआ है। आज के दिन इस मिस्ट्री का राज साफ-साफ दिखाई देता है क्योंकि यटी कहीं दिखाई नहीं देता। यही सुपरस्टेशन और झूठी कहानियां लोगों के मन में बैठ जाती है और जब बड़े होते हैं तो उसे झूठ मानना बहुत मुश्किल हो जाता है। फिलहाल आज के इस वीडियो में बस इतना ही। अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो तो मैंने ऐसे ही ह्यूमन एवोल्यूशन के ऊपर एक वीडियो बनाया है जिसे [संगीत] आप यहां क्लिक करके जाकर देख सकते हैं। बहुत-बहुत धन्यवाद। [संगीत]