वॉइस: "रात के ठीक 2 बज रहे थे… पूरा घर सो चुका था… और मैं… अपने कमरे में बिल्कुल अकेला था। कहते हैं… इस समय दुनिया और डर… दोनों जागते हैं। लेकिन उस रात… जो हुआ… उसने मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी। मेरे फोन पर एक कॉल आई… Unknown Number से… और सबसे डरावनी बात ये थी… दूसरी तरफ़ जो था… वो मुझे मुझसे ज़्यादा जानता था।" (अचानक फोन की तेज़ रिंगटोन) धीमी फुसफुसाती आवाज़: "कॉल उठाओ… क्योंकि… ये तुम्हारी… आख़िरी कॉल है।