मज़ाक हमें हवा कर गया…!!! हम तो आँखों में संवरते हैं, वही संवरेंगे, हमें नहीं पता कि ये कहां हैं……..!!! यूँ तो बहुत से हैं रास्तें, मुझ तक पहुँच के, रह-ए-मोहब्बत से आना, फ़सल कम है...