आधी रात को श्याम धनी, तेरी कुंडी ना खड़कता मैं और सहारा होता तो मेरा तेरे पास न आता मैं। रोता हुआ तो बाबाजी, मैं तेरे द्वार आया हूँ फुटी किस्मत सवारिया, मैं...